Main Yahaan Aaya Hoon

मैं यहाँ अपने आप को खोजने आया हूँ, उसके शहर की एक रात चुराने आया हूँ! मैं यहाँ अपने गीत सुनाने आया हूँ, उसकी शाम मे एक पल बिताने आया हूँ! मैं यहाँ अपने ख्वाब साकार करने आया हूँ, उसके एक पल मे ज़िंदगी जीने आया हूँ! मैं यहाँ अपना मॅन भरने आया हूँ, अपनी … Continue reading Main Yahaan Aaya Hoon

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Consist

She listens to me Even if I've nothing to say. And she sees things in me, When I have nothing to show. She stays with me, When I have nothing to give, She stands by me, When I'm struggling to live. She talks to me, Even if I can't see her above. She comes back … Continue reading Consist

Ek Aur Kitaab Likhunga

एक और किताब लिखूंगा, उसमे ज़्यादा नही लिखूंगा.. बस चलती साँसों का हिसाब लिखूंगा, उनके बीच आई हर याद लिखूंगा.. बहते रक्त की फरियाद लिखूंगा, जो बह ना पाया वो दर्द लिखूंगा.. कटी हुई ज़बान का अफ़साना लिखूंगा; जो कह ना सका वो जज़्बात लिखूंगा.. खोई हुई नज़रों का ठिकाना लिखूंगा, जो देख ना पाया … Continue reading Ek Aur Kitaab Likhunga

Inner Hounds

My night is a friend of the slinky moon, Which hides behind the dark clouds. Warm summer winds caress my face, As I stand trapped in the concrete canopy. The residual peace is unmatched within, As a savage storm brews in my guts, My conscience threatens to rip apart, Like huts ravaged by Poseidon's wrath. … Continue reading Inner Hounds

Savaal Hai (Poem)

दर वीरान है और दस्तक का सूना हाल है, शहर मे मकान तो है, पर घर का सवाल है| खुले उजाले मे बस्ते अंधेरे का ख़याल है, हँसना आता तो है, पर हँसी खिलने का सवाल है| रात को नींद नही पर दिन से लड़ने की मज़ाल है, सीने मे दिल तो है, पर धड़कन … Continue reading Savaal Hai (Poem)